उत्तराखंड में दस्तक देते ही मानसून कहर बरपाने लगा है। मूसलाधार बारिश में पहाड़ दरक रहे हैं और चट्टाने टूट रही हैं। प्रदेश में जून से अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी हैं।
जिनमें से आधा दर्जन मौतें मानसून पहुंचने के बाद हुई हैं। आठ घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 23 घरों में दरारें आ गई हैं। मानसून की इस तल्खी से आपदा प्रबंधन विभाग और ज्यादा चौकस हो गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन केंद्र से मिली सूचना के मुताबिक, भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन की घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। बादल फटने से आई बाढ़ तीन और लोगों की मौत की वजह बनीं।