देश के प्रतिष्ठित अडानी ग्रुप पर दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। तेल के दो सैंपल फेल होने पर यह कार्रवाई की गई है।
खाद्य सुरक्षा के दावों के अनुरूप गुणवत्ता नहीं पाए जाने पर अपर जिलाधिकारी की कोर्ट ने यह कदम उठाया। खाद्य सुरक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार आठ दिसंबर 2012 को तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने चेकिंग के दौरान झबरेड़ा की एक दुकान से अडानी ग्रुप के दो खाद्य पदार्थो फार्चून सोयाबीन ऑयल और राग वनस्पति के दो सैंपल भरे थे।
दोनों सैंपलों को जांच के लिए पहले रुद्रपुर स्थित लैब में भेजा गया, लेकिन कंपनी की इच्छा के अनुरूप बाद में पुणे स्थित लैब में जांच कराई गई। इस दौरान जांच रिपोर्ट में पाया गया कि फार्चून सोयाबीन ऑयल कंपनी की ओर से किए गए गुणवत्ता के दावों के अनुरूप नहीं था।
उसमें कई ऐसे तत्व शामिल बताए गए जो मानव स्वास्थ्य के अनुरूप नहीं थे। राग वनस्पति तेल का सैंपल भी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। मामले में दो अलग-अलग मुकदमे अपर जिलाधिकारी के न्यायालय में दर्ज कराए गए। लंबी सुनवाई के बाद अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्र ने अडानी ग्रुप पर दोनों मामलों में पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।