नजंग में भारत और नेपाल के बीच महाकाली नदी पर अस्थायी पुल तैयार हो गया है और इससे आवाजाही भी शुरू हो गई है। अब नेपाल में लगभग डेढ़ किमी मार्ग की मरम्मत किया जाना बाकी है। जल्द ही माइग्रेशन पर गए ग्रामीण इस पुल से घोड़े-खच्चर और भेड़ों के साथ लौट सकेंगे।
मालूम हो कि सीमा के लिए सड़क निर्माण के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था, जबकि आपदा से लखनपुर और नजंग में पुल बह गए थे। माइग्रेशन पर व्यास घाटी के सात गांवों में गए ग्रामीणों के लौटने के लिए मार्ग नहीं होने और उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड बढ़ने से समस्या बढ़ती जा रही थी।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा नेपाल प्रशासन के सहयोग से लखनपुर और नजंग में महाकाली नदी पर पुल बनाने का काम शुरू किया गया। नजंग में भी पुल बनकर तैयार हो गया है। अब व्यास घाटी के ग्रामीण नजंग से नेपाल के रास्ते होते हुए लखनपुर में भारत में प्रवेश करेंगे।