पीड़ित सविता देवी ने बताया कि रात करीब तीन बजे से तेज बारिश हो रही थी, जिसके बाद अचानक भूस्खलन हो गया। उन्होंने कहा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और अब परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की मांग की।
एक अन्य पीड़ित पूनम ने बताया कि बारिश से उनके घर के पीछे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के साथ अब वहां रहना सुरक्षित नहीं है और प्रशासन उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करे।
पूर्व प्रधान सोहन दास ने कहा कि जंदोली में आपदा जैसे हालात बने हुए हैं। यहां कई परिवार और प्राथमिक विद्यालय वर्षों से भूस्खलन के खतरे में हैं तथा लंबे समय से विस्थापन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में विधायक शक्ति लाल शाह को भी प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक विजय कुमार पटवाल ने बताया कि देर रात हुई भारी बारिश के कारण जंदोली तोक में भूस्खलन हुआ है। प्रभावित अनुसूचित जाति के परिवारों को एहतियात के तौर पर पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा के प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।