टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए रिंग रोड के बाद चार नए भारी वाहन पुल के प्रस्ताव पर कार्य शुरू कर दिया गया है। झील के दूसरी तरफ प्रतापनगर क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए यह योजना तैयार की गई है।
टिहरी झील वाटर और एडवेंचर स्पोट्रर्स के साथ ही पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे हुए है। इस क्षेत्र में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए एडीबी के सहयोग से 1200 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इसके तहत कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांठी रिंग रोड का कार्य प्रगति पर है। जबकि प्रतापनगर साइट डोबरा-चांठी से मदननेगी होते हुए खांड पीपलडाली रिंग रोड का सर्वे कार्य गतिमान है।
पीपलडाली से कोटी कॉलोनी रिंग रोड भी प्रस्तावित है। इसके अलावा टिहरी झील क्षेत्र में ग्राम उन्नयन योजना, डोबरा ईको पार्क, मंदिर, रोपे-वे का नवीनीकरण, पर्यटन सूचना केंद्र, योग ध्यान केंद्र, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन वनीकरण और सार्वजनिक परिवहन के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करने को चार भारी वाहन पुल भी बनाए जाने हैं। प्रांतीय खंड लोनिवि ने पुल की डीपीआर और डिजायन के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों से निविदा आमंत्रित की हैं।
पुलों की डीपीआर तैयार करने के लिए वित्त विभाग से भी हरी झंडी मिल गई है। डीपीआर बनाने पर ही करीब 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। पुल की लागत 1200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बताई गई है।
1- डोबरा-चांठी 500 मीटर डबल लेन केबल स्टे सस्पेंशन ब्रिज।
2- पीपलडाली 450 मीटर तीन लेन केबल स्टे सस्पेंशन ब्रिज।
3- कोटीकॉलोनी 370 मीटर तीन लेन सस्पेंशन ब्रिज।
4- हडगीखाला 150 मीटर तीन लेन स्टील ट्रस ब्रिज।
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टिहरी झील क्षेत्र में चार भारी वाहन पुलों की डीपीआर के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। पिछली बार वित्त विभाग से अनुमति नहीं मिलने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसमें करीब डेढ़ साल का समय लग सकता है। - नवीन कौशिक, समन्वयक व सहायक अभियंता लोनिवि बौराड़ी।