वर्ष 2018-19 की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में हैरान कर देने वाला कारनामा सामने आया है। दूसरे राज्यों के छात्रवृत्ति के आवेदन उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय भेज दिए गए। इनमें गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार व कई अन्य राज्य हैं। अधिकारी असमंजस में हैं कि आखिर दूसरे राज्यों के छात्रवृत्ति आवेदनों का सत्यापन कैसे किया जा सकता है। केंद्र से संपर्क किया गया तो पता चला कि यह गड़बड़ी स्कॉलरशिप पोर्टल में तकनीकी खामी की वजह से हुई है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में करीब 30 फीसदी आवेदन दूसरे राज्यों के निकले।
विभाग की खराब हो रही छवि
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दूसरे राज्यों के आवेदनों की संख्या काफी अधिक है। सत्यापन केवल प्रदेश के आवेदनों का किया गया है। ऐसे में कुल आवेदनों (दूसरे राज्यों के आवेदनों की संख्या मिलाकर) की तुलना में सत्यापन की संख्या बेहद कम है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विभाग ने इस काम को गंभीरता से नहीं लिया।
वर्ष 2018-19 के आवेदन की स्थिति
छात्रवृत्ति सही आवेदन बाहरी राज्यों के
मेरिट कम-इन 534 175
दशमोत्तर 2915 919
पूर्वदशम 21006 760
वर्ष 2018-19 की छात्रवृत्ति में दूसरे राज्यों के आवेदन सत्यापन के लिए निदेशालय भेज दिए गए थे। यह दिक्कत केंद्र के पोर्टल में तकनीकी खामी के कारण हुई।
-डीएस दताल, निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण