उत्तराखंड सरकार ने टीचरों को तोहफा दिया है। अब टीचरों को तबादलों में दुर्गम में की गई सेवाओं का लाभ मिलेगा। 2008 को कट ऑफ डेट मानते हुए जिस वर्ष स्कूल जिस श्रेणी में था, टीचरों को वर्गीकरण में उसी श्रेणी का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से स्कूलों को अब बी, सी, ई और एफ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
दूसरी तरफ, जूनियर हाईस्कूलों के अलग संचालन समेत 17 सूत्री मांगों पर अमल न होने से नाराज प्राथमिक शिक्षक संघ के टीचर सोमवार को सामूहिक अवकाश पर चले गए। राजधानी पहुंचे इन टीचरों ने शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन कर धरना दिया।
प्रदेश के राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े टीचरों की अधिकतर मांगों पर शासन की ओर से मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया गया। अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूलों के वर्गीकरण को पुनरीक्षित किया जाएगा। सेवाकाल के दौरान स्कूल जिस श्रेणी में था, नई व्यवस्था के तहत टीचरों को अंक प्रदान किए जाएंगे। शिक्षण सत्र प्रभावित न हो, इसके लिए इसे एक अप्रैल 2017 से लागू किया जाएगा।
वहीं, टीचरों के अनुरोध के आधार पर तबादले किए जाएंगे। तबादलों में विकलांग व बीमार टीचरों को प्राथमिकता दी जाएगी। तबादलों के लिए परित्यक्ता केवल उसे माना जाएगा, जिसके संबंध में सक्षम न्यायालय से इस आशय का आदेश जारी किया गया हो। स्कूलों के वर्गीकरण के 84 उप मानकों में संशोधन के लिए शासन ने प्रस्ताव मांगा है।
इन पर होगा अमल
-टीचरों के विरुद्ध नहीं होगी उत्पीड़न की कार्रवाई
-शारीरिक शिक्षा को इंटर स्तर पर मिलेगी मान्यता
-दो के बजाए तीन दिए जाएंगे विशिष्ट अवकाश
-तीन प्रतिशत वेतनवृद्धि को लेकर समिति गठित
-विकल्पधारियों के मामले में यूपी को लिखेंगे पत्र
टीचरों को जो आश्वासन दिया था उसे पूरा किया है। उनके साथ जो बातें हुईं, उस पर सकारात्मक निर्णय निकालेंगे। वे अब पठन-पाठन पर ध्यान दें।
-मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री