तबादला आदेश संशोधित किया गया
देहरादून, नैनीातल, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर जिले सहित विभिन्न जिलों में शिक्षकों को इधर से उधर किया गया है। अनिवार्य तबादलों से पहले इस तरह शिक्षकों की तैनाती से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं देहरादून जिले में तीन शिक्षकों के एक साल बाद तबादला आदेश संशोधित किया गया है।
जूनियर हाईस्कूल लालतप्पड़ डोईवाला में तैनात शिक्षिका सहित तीन शिक्षकों का विभाग ने आठ जुलाई 2022 को डोईवाला से चकराता ब्लॉक के स्कूलों में अनिवार्य तबादले किए थे, लेकिन शिक्षकों ने इन स्कूलों में पदभार ग्रहण नहीं किया। जिनका विभाग ने एक साल बाद तबादला आदेश संशोधित किया है। जबकि पूर्व के तबादला आदेश में स्पष्ट किया गया था कि नई तैनाती पर पदभार ग्रहण न करने पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी, लेकिन कार्रवाई तो दूर शिक्षकों की मनचाही जगह पर तैनाती कर दी गई है।
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यह है मामला
जूनियर हाईस्कूल बमेथ डोईवाला जिला देहरादून में शैलेंद्र रतूड़ी, सुषमा जोशी विज्ञान पद पर कार्यरत हैं। 19 छात्र संख्या वाले स्कूल में अब विज्ञान पद के प्रति एक अन्य शिक्षिका बसंती देवी को भेजा गया है। जबकि चकराता ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बायला में 30 छात्र हैं, इसके बावजूद यह स्कूल पिछले तीन साल से एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है। इस स्कूल के बच्चों को अनिवार्य तबादलों से इस साल शिक्षक मिलने की उम्मीद थी, जो विभाग में मनमाने तबादलों से धरी रह गई।
शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शीता बरती गई है, इसके बावजूद यदि किसी को इसमें किसी तरह की खामी लगती है, तो इस संबंध में विभाग में अपील की जा सकती है। अपील एक पद उच्च स्तर पर की जानी चाहिए। -बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक