ट्रांसफर कराने के लिए शिक्षिकाओं ने ऐसा काम कर दिया, जिसे जानकर खुद मंत्री के भी होश उड़ गए। जैसे ही शिक्षिकाओं का राज खुला मंत्री सकते में तो आए ही, अब माथा भी पीट रहे हैं।
तबादला पाने के लिए कई शिक्षिकाओं ने अपने पति से फर्जी तलाक लिया है। घर पर भले ही सब कुछ सामान्य हो, लेकिन कागजों में पति और पत्नी एक-दूसरे से तलाक ले चुके हैं।
शिक्षा विभाग में ऐसे एक नहीं, कई मामले सामने आए हैं। इनकी पुष्टि होने के बाद ही शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने अनुरोध के आधार पर तबादलों की प्रक्रिया पर रोक लगाई है।
फर्जी मेडिकल प्रमाण-पत्र भी बनाए
तील तलाक
रविवार को यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विधवा और तलाकशुदा शिक्षिकाओं की सहायता के लिए उन्हें अनुरोध के आधार पर तबादले का लाभ दिया जाता है।
लेकिन कई शिक्षिकाओं ने इसका दुरुपयोग किया है। उन्होंने कागजों में अपने पति से तलाक ले लिया और खुद को तलाकशुदा दिखाते हुए अनुरोध के आधार पर तबादले का लाभ लिया है।
जबकि, आज भी वह अपने पति के साथ ही रह रही हैं। इस बार की तबादला प्रक्रिया में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि तबादलों के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र तक बनाए गए हैं।
फर्जी मेडिकल प्रमाण-पत्र भी बनाए
शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीचरों ने स्टेट मेडिकल बोर्ड से फर्जी प्रमाण-पत्र भी बनवाए हैं। स्टेट मेडिकल बोर्ड ने टीचरों को जो प्रमाण-पत्र दिए हैं, उन पर भी मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि प्रमाण-पत्र में टीचरों को ‘सुनने में असमर्थ’, ‘चलने-फिरने में असमर्थ’, ‘बोलने में असमर्थ’ बताया गया है। लेकिन अंत में नोट देकर ‘पढ़ाने में समर्थ’ लिखा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्ट पर कैसे यकीन किया जा सकता है। लिहाजा अब बोर्ड की रिपोर्ट नहीं मानी जाएगी। इसके बजाय स्वतंत्र पैनल से फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाएगा।
गंभीर बीमार शिक्षकों के होंगे तबादले
गंभीर बीमार शिक्षकों के होंगे तबादले
शिक्षा मंत्री के सामने ब्रेन हैमरेज से पीड़ित चमोली निवासी शिक्षक लक्ष्मण सिंह रावत का मामला भी उठा। लक्ष्मण सिंह को कुछ समय पहले ब्रेन हैमरेज हो गया था। इसके बाद जौलीग्रांट में उनका उपचार हुआ। उन्हें लगातार जांच के लिए दून आना पड़ता है। उन्होंने अनुरोध के आधार पर तबादले के लिए आवेदन करना चाहा तो पोर्टल में बीमारियों की कैटेगरी में ब्रेन हैमरेज नहीं मिला। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लक्ष्मण जैसे वास्तविक बीमार शिक्षकों का तबादला किया जाएगा। इसके लिए नियमों में किसी तरह के बदलाव की जरूरत भी पड़े तो वह किया जाएगा।
छुट्टी के लिए नहीं काटेंगे चक्कर
अब छुट्टी लेने के लिए टीचरों को दफ्तरों और बाबू के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने ‘उज्ज्वल सेवा’ मोबाइल एप तैयार किया है। इस एप में शिक्षकों को छुट्टी के लिए एप्लीकेशन अपलोड करना होगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि एक अगस्त से एप काम करने लगेगा, जिसका टीचर लाभ उठा सकते हैं।
एनओसी के लिए शिक्षकों ने दी घूस
उत्तर प्रदेश का विकल्प भरने वाले कई टीचरों ने एनओसी हासिल करने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी। इसकी जानकारी मिलने के बाद ऐसे सभी मामलों की फाइल रोक दी गई है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि उन्होंने रिश्वत लेने वाले सभी अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है।