देहरादून। टीईटी प्रकरण और पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों ने सचिवालय कूच करने का फैसला लिया है। बृहस्पतिवार को राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति तय की गई।
बैठक में देहरादून में होने वाले समस्त कार्यक्रमों के संचालन के लिए संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत को कार्यक्रम संयोजक मनोनीत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि टीईटी प्रकरण और पुरानी पेंशन बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे गुस्साए शिक्षकों ने 22 जून को सचिवालय कूच करने का फैसला लिया है। सभी जनपदों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में इस आंदोलन को सफल बनाने और हजारों शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का विश्वास दिलाया।
इसके अलावा यह भी तय किया गया कि एक जुलाई से प्रदेशभर में शिक्षक अपने-अपने क्षेत्रों के विधायकों, सांसदों, शिक्षामंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर टीईटी की बाध्यता से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन करेंगे। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में टिहरी के जिलाध्यक्ष चंद्रवीर नेगी, उत्तरकाशी के जिला मंत्री जनक बिष्ट, अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष किशोर जोशी, जगदीश भंडारी, चमोली से दिगंबर नेगी, जिलामंत्री मुकेश नेगी, चंपावत के अध्यक्ष उत्तम सिंह फर्त्याल, मंत्री कीर्ति भट्ट, कोषाध्यक्ष कमल जोशी, बागेश्वर के अध्यक्ष दीपक रावत आदि मौजूद रहे।