शिक्षकों ने शासन में हुई बैठक में लंबित मांगों को उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजकीय शिक्षक संघ की लंबित मांगों को लेकर शासन में हुई बैठक में शिक्षकों ने चयन, प्रोन्नत वेतनमान में एक वेतनवृद्धि दिए जाने सहित छह सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिवालय में हुई बैठक में शिक्षकों ने कहा कि चयन, प्रोन्नत वेतनमान में शिक्षकों को पहले एक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा रहा था लेकिन शासन ने इस पर रोक लगा दी। अब जो शिक्षक कोर्ट गए हैं, कोर्ट के आदेश पर मात्र उन शिक्षकों को इसका लाभ दिया जा रहा है। सभी शिक्षकों को चयन, प्रोन्नत वेतनमान पर वेतनवृद्धि दी जाए। शिक्षकों के लिए पहले की तरह गृह जिले में आने जाने के लिए यात्रा अवकाश बहाल किया जाए, प्रारंभिक शिक्षा से एलटी में समायोजित एवं पदोन्नत शिक्षकों को पूर्व की सेवा जोड़ते हुए चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान दिया जाए, शिक्षकों का 22 साल की सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत किया जाए। वहीं, सहायक अध्यापकों की प्रवक्ता और प्रवक्ताओं की प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति की सूची जारी की जाए। संगठन के प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्युली ने कहा कि पदोन्नति न होने से शिक्षक एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बैठक में 1990 से 1993 तक नियुक्त तदर्थ शिक्षकों को सेवानिवृत्ति पर पहले की तरह सेवानिवृत्ति लाभ, ग्रेच्युटी आदि के भुगतान की मांग की गई। बैठक में बताया गया कि प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में एक अन्य बैठक के बाद मांगों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगौली, शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, मेहरबान सिंह बिष्ट, गंगा प्रसाद, राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान, अरुण रमोला आदि शामिल रहे।