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निर्भयाः शिक्षकों ने 5 वें आरोपी की मांगी फांसी

Sat, 14 Sep 2013 12:53 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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निर्भया बहुत मासूम और खुशमिजाज थी। आज वो जिंदा होती तो एक बेहतर फिजियोथेरेपिस्ट होती। मगर कुछ लोगों ने उसके सपनों को पूरा होने से पहले ही उसे कुचल दिया।
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उसके साथ जो हुआ, उसके लिए तो फांसी भी कम है। मगर कोर्ट ने निर्भया को इंसाफ देकर दूसरे लोगों को भी चेता दिया है।

मन की पीड़ा
निर्भया कांड के चार दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा दिए जाने पर शुक्रवार को निर्भया के शिक्षकों ने अपनी मन की पीड़ा कुछ इस तरह बयां की।

उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया साथ ही नाबालिक करार दिए गए पांचवे आरोपी को भी उसके अपराध के लिए फांसी दिए जाने की मांग की। वहीं बच्चों को बचपन से सही दिशा दिखाने की भी जरूरत को बताया।

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कोर्ट ने बिलकुल सही फैसला है। ऐसे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कोर्ट के फैसले से मैं बहुत खुश हूं।
- डा. संजय डोगरा, प्रधानाचार्या

आज फैसले से खुश हूं, इससे दोबारा किसी की ऐसी हरकत करने की हिम्मत नहीं होगी और न ही कोई सोच सकेगा। मगर पांचवे आरोपी को भी फांसी होनी चाहिए।
- रीतिका डिमरी, शिक्षक

उस बिटिया के साथ बहुत बुरा हुआ, उसके सपनों को कुछ शैतानों ने कुचल दिया। उनके लिए फांसी भी कम है। उनको तो गल्फ देशों की तरह सजा मिलनी चाहिए।
- आशा असवाल, शिक्षक

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- कोर्ट ने अपना फैसला दिया है, जिसे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी बरकरार रखा जाना चाहिए। वहीं नाबालिक आरोपी को उसके किए काम के अनुसार फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
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मधु नेगी, फैकल्टी

कोर्ट के इस फैसले के बाद अब दूसरे लोग भी ऐसे काम करने से पहले सोचेंगे। कोर्ट ने सही फैसला लिया है और मैं इसका स्वागत करती हूं।
- रानी अरोड़ा, चेयरपर्सन

हमें अपनी संस्कृति का ज्ञान भी बच्चों को देना जरूरी है। बचपन से ही बच्चों को दूसरों का सम्मान करने की शिक्षा दी जानी चाहिए। स्कूल, कालेज और परिवार इसमें अहम रोल निभाते हैं।
- बी बनर्जी, शिक्षक

जब वो यहां आई थी, तो अंर्तमुखी थी, लेकिन बाद में उसने सांस्कृतिक, शिक्षा और अन्य एक्टिविटी में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था। उसके हत्यारों के लिए फांसी की सजा भी कम है।
- सुनीता पंवार, एडमिशन कॉर्डिनेटर

कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्घांजलि
डीएवी कालेज की छात्रा स्वाति नेगी और उनके साथियों ने शुक्रवार शाम कैंडल मार्च निकालकर निर्भया को श्रद्घांजलि दी। स्वाति नेगी ने निर्भया के अपराधियों को फांसी की सजा दिए जाने पर अदालत के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे अन्य लोग भी सबक सीखेंगे और ऐसा कार्य करने से पहले सोचेंगे।

आज बहुत याद आई बिटिया
दिल्ली रेप कांड का फैसला आने के बाद यहां दून अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग के स्टाफ को बिटिया बहुत याद आई। दोषियों को फांसी दिए जाने के फैसले पर लोगों ने खुशी का इजहार किया। डा एसके त्यागी का कहना है कि अपराधियों को सही सजा मिली है।

इसके बाद डा त्यागी बिटिया को याद करने लगे। उन्होंने कहा कि बिटिया का मरीजों के प्रति बहुत अच्छा व्यवहार रहता था। बहुत मेहनती लड़की थी। ऑफ टाइम में काम के लिए बुलाया तो उसने कभी इंकार नहीं किया। डा अमन लांबा ने भी हत्यारों को फांसी के फैसले पर संतुष्टि जाहिर की है।
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