प्रबंधन का घटेगा दखल
नई प्रक्रिया के अनुसार, विज्ञप्ति जारी होने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन मेरिट तैयार करेंगे। इसी मेरिट के आधार पर इंटरव्यू लिए जाएंगे। विद्यालय प्रबंधन अधिकतम पांच नंबर का इंटरव्यू ले सकते हैं। हालांकि, इसमें उत्तराखंड बोर्ड के अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि सीबीएसई या अन्य बोर्ड की तुलना में उत्तराखंड बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया कठिन समझी जाती है।
अब तक ऐसे होती थी नियुक्ति
अभी तक अशासकीय स्कूलों में नियुक्ति मुख्य शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कमेटी और प्रबंधन समिति मिलकर करती थी। विज्ञप्ति जारी करने के बाद सीईओ के स्तर से मेरिट तैयार की जाती थी। जिस पर तीन विभागीय एक्सपर्ट और प्रबंधक आवेदकों के इंटरव्यू करते थे। प्रबंधक किसी भी अभ्यर्थी को इंटरव्यू में अधिकतम 18 अंक तक दे सकते थे।
सरकार को अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति के लिए एक्ट लाना चाहिए। यह व्यवस्था भी पूरी तरह पारदर्शी नहीं है। अगर यही करना था तो एक साल पहले कर लिया जाता। छात्र-छात्राओं को एक साल बिना शिक्षकों के पढ़ाई करनी पड़ी है। -देवी जोशी, प्रांतीय महासचिव, अशासकीय स्कूल संघर्ष समिति