इसके साथ ही चंद्रपाल ने नौकरी प्राप्त करते समय खुद को ज्वालापुर का मूल निवास दर्शाया था, जबकि एसआईटी की जांच में चंद्र पाल के बिजनौर क्षेत्र के रहने की पुष्टि हुई है। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को सौंप दी थी, वहीं दोनों फर्जी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे।
इसके बाद उप शिक्षाधिकारी भगवानपुर कुंदन सिंह ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ भगवानपुर थाने में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष गोविंद कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इसके साथ ही जांच शुरू कर दी गई है। यह कोई पहला मामला नहीं है, जब किसी फर्जी शिक्षक पर मुकदमा दर्ज किया गया हो। हाल ही में जिले में करीब बीस से अधिक फर्जी शिक्षक सामने आ चुके हैं, इनमें कई पर केस भी दर्ज हो चुके हैं।