बताया गया है कि प्रदेश भर में जांच के दौरान जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं। विभाग के पास उनके प्रमाण पत्र नहीं हैं। ऐसे में सीधे शिक्षकों से उनके प्रमाण पत्र मांगे जाने से फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षक फर्जीवाडे से बच सकते हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि कोई शिक्षक ओबीसी के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पा गया हो, वह एसआईटी को फर्जी प्रमाण पत्र देने से बचेगा और फर्जीवाडे से बचने के लिए जुगाड़ कर जांच अधिकारी को असली प्रमाण पत्र दिखा सकता है। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, शिक्षकों से सीधे प्रमाण पत्र मांगना गलत है। संबंधित विभागीय अधिकारी को रिकार्ड देखकर एसआईटी को प्रमाण पत्र सौंपने चाहिए।
पूर्व में मंत्री भी जता चुके हैं नाराजगी
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने पूर्व में शिक्षकों से सीधे उनके प्रमाण पत्र मांगे जाने पर नाराजगी जताई थी। मंत्री का कहना था कि शिक्षकों से प्रमाण पत्र मांगे जाने के बजाए जांच के लिए विभाग को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने चाहिए।