शिक्षा विभाग में चहेतों की चाहत के आगे सारे नियम छोटे पड़ते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला कुछ समय पूर्व पहाड़ से तबादला पाकर दून जिले के चकराता और कालसी में तैनात 22 शिक्षिकाओं का है। इन शिक्षिकाओं ने अब तक न तो पदभार ग्रहण किया है और न ही निलंबन आदेश स्वीकार किए हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जल्द प्राथमिक शिक्षकों के प्रमोशन होने हैं और इन शिक्षिकाओं को सुगम में तैनाती पाने के लिए इसी मौके का इंतजार है। इसके लिए शिक्षिकाएं दबाव भी बनाए हुए हैं।
निलंबन हुआ पर ऑर्डर ही नहीं लिए
बताया ये भी जा रहा है कि हाल ही में ये शिक्षिकाएं सुगम में तबादलों के लिए शिक्षा महानिदेशक डी सेंथिल पांडियन से मिलीं थीं। इन्होंने कहा कि चकराता और कालसी में तैनाती से तो उनकी पूर्व तैनाती ही ठीक थी। इन शिक्षिकाओं ने शिक्षा महानिदेशक से दून शहर के सुगम विद्यालयों में तैनाती की भी मांग की।
देहरादून के जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि 22 शिक्षिकाओं की जिन विद्यालयों में तैनाती की गई है, वे वहां नहीं पहुंची। इन्हें सस्पेंड किया जा चुका है, लेकिन इन्होंने सस्पेंड ऑर्डर भी नहीं लिए हैं।