प्रदेश के 72 हजार से अधिक टीचर बगैर शासनादेश के आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षक भवन में बैठक कर 19 और 20 सितंबर को सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया। वहीं, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने 16 सितंबर को प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन का एलान किया है।
दूसरी ओर राजकीय शिक्षक संघ का शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन जारी है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद टम्टा ने भी टीचरों की मांगों का समर्थन किया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को शिक्षक भवन रेसकोर्स में बैठक कर जिला खेल प्रतियोगिताओं का बहिष्कार और बाल गणना का विरोध किया। संगठन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली ने कहा कि 19 और 20 सितंबर को सभी टीचर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। आंदोलन को लेकर टीमें गठित कर दी गई हैं।
समायोजन में देरी पर भी नाराजगी
बैठक में टीचरों के समायोजन में देरी पर भी नाराजगी जताई गई। बैठक में प्रदेश मंत्री दिग्विजय चौहान, राजेंद्र गुसाईं, सुभाष कुकरेती, प्रमोद रावत, चंद्र प्रकाश पाल आदि शामिल रहे। वहीं राजकीय शिक्षक संघ का निदेशालय में आमरण अनशन जारी रहा। अनशन स्थल पर पहुंचे पूर्व मंत्री राम प्रसाद टम्टा ने कहा कि वे टीचरों की मांगों को सीएम और शिक्षा मंत्री के सामने रखेंगे।
वहीं जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी से मिलकर उन्हें लंबित मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल में उमेश सिंह चौहान, रघुवीर सिंह पुंडीर, उदयपाल सिंह नेगी, अनूप शर्मा, हरीश चंद्र शर्मा आदि शामिल रहे। इससे पूर्व राजकीय शिक्षक संघ की शिक्षा मंत्री के साथ हुई वार्ता विफल रही।
टीचरों की मांगों का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। लंबित मांगों को लेकर टीचरों से बात हो चुकी है।
-मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री