मनोज रावत से क्रिकेट की एबीसीडी सीखने वाले रविंद्र नेगी आज उनके सहायक कोच हैं। मूलत: कांडा, बागेश्वर निवासी रविंद्र सिंह नेगी का परिवार काफी समय तक हल्द्वानी में रहा। पिता प्रयाग सिंह नेगी ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने ही रवि के शुरूआती कोच की भूमिका निभाई। 10वीं हल्द्वानी से करने के बाद रवि ने आगे की पढ़ाई देहरादून से की। 1997 में मनोज रावत की देखरेख में उन्होंने परेड मैदान में क्रिकेट खेलना शुरू किया। लखनऊ से एमपीएड करने के बाद पटियाला से एनआईएस कोर्स किया। स्कूल स्तर पर कोचिंग की शुरूआत करने के बाद उन्होंने प्रोफेशनल कोचिंग देनी शुरू की। वह बीसीसीआई के लेवल-वन कोच हैं।
इन खिलाड़ियों को किया तैयार
मनोज रावत और रविंद्र सिंह नेगी से प्रशिक्षण लेकर कई क्रिकेटर देश के अलग-अलग राज्यों की क्रिकेट टीम में जगह बना चुके हैं। इनमें मुख्य रूप से अभिमन्यु ईश्वरन (भारत ए), अभिषेक रमन (बंगाल व इंडिया ब्लू), कुणाल चंदेला (दिल्ली), आर्यन शर्मा (अंडर-19 कप्तान, यूपी), आर्य सेठी (यूपी अंडर-16 व अंडर-19), आर्यन जुयाल (इंडिया अंडर-19), प्रियांशु खंडूड़ी (हिमाचल), वैभव पंवार (अंडर-16, हिमाचल), सिद्धार्थ अग्रवाल (अंडर-23, छत्तीसगढ़), अर्श बरकत (कुवैत अंडर-19), अमन गांधी (कीनिया अंडर-19), धर्नुर गौतम (हिमाचल अंडर-16), वैभव भट्ट (बंगाल अंडर-19 कैंप), ऋतिक राय चौधरी (बंगाल, अंडर-19), कौस्तुभ सिंह (अंडर-19 बंगाल), सफल सूद (अंडर-16, मध्य प्रदेश), सनी राणा (विज्जी ट्रॉफी), प्रसनजीत बोस (विज्जी ट्रॉफी)।