आंदोलन को एसोसिएशन का भी मिला समर्थन
सीधी भर्ती के विरोध में चल रहे आंदोलन को उत्तराखंड अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने समर्थन दिया। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार टम्टा ने कहा, एसोसिएशन से जुड़े प्राथमिक से लेकर माध्यमिक और अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक भी आंदोलन में शामिल हुए। कहा, मात्र 10 प्रतिशत शिक्षकों को लाभ देने के लिए यह भर्ती की जा रही है।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग एकमात्र विभाग है, जिसमें एक पद के लिए दो तरह से पदोन्नति की जाएंगी। इससे स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग के अफसरों ने शिक्षा मंत्री के सामने सही तथ्य नहीं रखे। इस भर्ती और नियमावली को सरकार रद्द करे। -डाॅ. सोहन माजिला, पूर्व प्रांतीय महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ
प्रदेशभर में शिक्षकों का आंदोलन सफल रहा। सीधी भर्ती 90 प्रतिशत शिक्षकों के साथ अन्याय है, जिसे रद्द न करने तक शिक्षकों का आंदोलन जारी रहेगा। -राम सिंह चौहान, प्रांतीय अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ।
सीधी भर्ती के समर्थन में आए कुछ प्रवक्ता
सरकारी विद्यालयों के कुछ प्रवक्ताओं ने प्रधानाचार्य पद पर विभागीय सीधी भर्ती का समर्थन किया है। प्रवक्ताओं का कहना है कि प्रदेश में कई विद्यालय आज खुले रहे। प्रवक्ताओं के मुताबिक, प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य के 80 प्रतिशत पद खाली हैं। सीधी भर्ती के लिए इसी माह 29 सितंबर को लिखित परीक्षा होनी है।