स्पष्टीकरण तलब, श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कालेज देहरादून का है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। अशासकीय स्कूल में मुख्य शिक्षा अधिकारी के अनुमोदन के बिना सात शिक्षकों और तो कनिष्ठ सहायकों की नियुक्ति कर दी गई है। सीईओ ने इस मामले में स्कूल प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रकरण देहरादून के श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कालेज का है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल के मुताबिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए उनका अनुमोदन नहीं लिया गया, इसके बावजूद स्कूल ने बिना अनुमोदन शिक्षकों की नियुक्ति कर दी। वहीं, स्कूल में शिक्षकों के जो पद तीन महीने तक खाली रहते हैं, उन पर नियुक्ति से पहले उन पदों को निदेशालय से पुनर्जीवित कराना होगा। इसका शासनादेश है, संबंधित स्कूल में वर्ष 2021 से पहले पद खाली थे। सीईओ ने स्कूल प्रबंधक को लिखे पत्र में यह भी कहा कि संज्ञान में आया है कि स्कूल में चहेतों को नौकरी के लिए धनराशि तय थी। अल्पसंख्यक स्कूल के संबंध में 50 प्रतिशत बच्चे अल्पसंख्यक होने चाहिए। स्कूल में अल्पसंख्यक बच्चे नहीं हैं, फिर भी स्कूल को अल्पसंख्यक की श्रेणी में रखा गया है। प्रकरण में स्कूल से स्पष्ट आख्या कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, स्कूल प्रबंधक अनिल कुमार जैन का कहना है कि स्कूल में पांच सहायक अध्यापक एलटी, दो प्रवक्ता और दो कनिष्ठ सहायकों की नियुक्ति की गई है। स्कूल अल्पसंख्यक स्कूल है। नियम यह है कि यदि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सीईओ कार्यालय से दो महीने तक अनुमोदन नहीं दिया जाता तो अल्पसंख्यक विद्यालय की प्रबंध कार्यकारिणी शिक्षकों की नियुक्ति कर सकती है। स्कूल की प्रबंध समिति को नियुक्ति का अधिकार है। पांच की जगह 50 अंकों के साक्षात्कार के बारे में उन्होंने कहा, प्रबंध समिति इतने अंकों का साक्षात्कार रख सकती है। रही बात शिक्षकों के पद पुनर्जीवित न किए जाने की, सीईओ कार्यालय से स्कूल को शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञप्ति प्रकाशित किए जाने का अनुमोदन लिया गया था। सीईओ कार्यालय को तब यह देखना चाहिए था कि शिक्षकों के पद पुनर्जीवित किए जाने हैं या नहीं। स्कूल प्रबंधक ने कहा, स्कूल में पिछले छह साल से 350 बच्चों पर मात्र चार शिक्षक थे। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 2016 में भी 50 अंकों का साक्षात्कार रखा गया था।