इशरत हयात बचपन से ही उल्टे शब्द लिख रहीं है। वे बताती है कि जब पिता उर्दू लिखना सिखाते थे तो उर्दू की लिखाई उल्टी होने से उनके मन में विचार आया कि क्यूं न हिंदी, अंग्रेजी को भी उर्दू की तर्ज पर लिखना सीखे।
इसके बाद उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी को भी उल्टा लिखना शुरू कर दिया। हालांकि ये हुनर अनोखा है, इसपर उन्होंने कभी ध्यान नहीं दिया। बता दें कि दर्पण लेखन एक असामान्य लेखन है, जिसमें लेखनी सामान्य से विपरीत दिशा में चलती है।
इसमें अक्षर उलटे होते हैं और दर्पण का इस्तेमाल करके इन्हें आसानी से पढ़ा भी जा सकता है। शिक्षिका इशरत हयात ने बताया कि इसमें बहुत एकाग्रता की जरूरत होती है और वह कई सालों से यह अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने कई बालिकाओं को भी मिरर राइटिंग में शिक्षित किया है।