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'लाट साहब' बने मास्टर साहब सस्पेंड

Sun, 29 Dec 2013 05:30 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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दुर्गम क्षेत्र में तबादले से बचने के लिए डेपुटेशन पर सहायक कृषि निदेशक बने कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के बहनोई डॉ. यशवंत बर्त्वाल को शिक्षा विभाग ने प्रवक्ता पद से सस्पेंड कर दिया है। डेपुटेशन के लिए मूल विभाग से एनओसी न लेने पर यह कार्रवाई की गई है।
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तीन दिसंबर को ‘अमर उजाला’ में मामले का खुलासा होने के बाद विभाग हरकत में आया। अब निलंबन की कार्रवाई के बाद एनओसी नामुमकिन है। शिक्षा विभाग से एनओसी  के बगैर कृषि विभाग में बर्त्वाल की प्रतिनियुक्ति प्रभावी नहीं होगी।

हो सकते हैं बर्खास्त
28 नवंबर 2013 के शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिनियुक्ति विभागीय अनापत्ति के बाद ही प्रभावी होगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यदि शिक्षक ने प्रतिनियुक्ति का मोह छोड़ स्कूल में ज्वाइनिंग नहीं दी तो उन्हें बर्खास्त भी किया जा सकता है।
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अनिवार्य तबादले के तहत राजकीय इंटर कालेज श्रीनगर में तैनात भौतिक विज्ञान प्रवक्ता डॉ. यशवंत बर्त्वाल का तबादला दुर्गम विद्यालय में किया गया था। वे पिछले कई सालों से सुगम विद्यालय में जमे हुए थे।

तबादले से बचने के लिए ली प्रतिनियुक्ति
तबादले से बचने के लिए शिक्षक ने ऊंची पहुंच का इस्तेमाल कर कृषि विभाग में सहायक निदेशक सांख्यिकी के पद पर प्रतिनियुक्ति करा ली थी। इस मामले में सभी मानकों को ताक पर रख दिया गया।

इस मामले को लेकर अन्य शिक्षक खुद को ठगा महसूस कर रहे थे। वहीं, वर्षों से प्रमोशन की बाट जोह रहे कृषि विभाग के अधिकारी भी इस नियुक्ति से नाराज थे।

विभाग किसी की बपौती नहीं
बगैर अनुमति दूसरे विभाग में ज्वाइन करना अराजकता है। 26 दिसंबर को शिक्षक यशवंत बर्त्वाल के निलंबन के आदेश जारी किए जा चुके हैं। मैंने विभाग में बड़ी मुश्किल से एक सिस्टम बनाया है, पहली बार बिना किसी पक्षपात के शिक्षकों के तबादले हुए हैं। शिक्षा विभाग किसी की बपौती नहीं है। मेरे भी रिश्तेदार हैं, जो मुझसे नाराज हैं, लेकिन काम नियमों के अनुसार ही होगा। मैं तो दमयंती को भी न जाने देता, लेकिन मुख्यमंत्री ने मुझसे कहा था।
-मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री

सीएम ने किया था अनुमोदन
नियमों को ताक पर रखकर की गई इस प्रतिनियुक्ति को मुख्यमंत्री ने भी अनुमोदित कर दिया था। जिससे कृषि मंत्री हरक सिंह रावत को अपने रिश्तेदार को मनचाही जगह बैठाने का बल मिला।

कृषि मंत्री ने सीएम के इस अनुमोदन के बाद 23 नवंबर को प्रमुख सचिव कृषि डा.रणवीर सिंह को निर्देशित किया कि मामले में मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है, प्रतिनियुक्ति के आदेश निर्गत किए जाएं।
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