उत्तराखंड में चल रही मनमानी का नतीजा है कि किसी स्कूल में शिक्षकों की भरमार है तो कहीं लंबे समय से शिक्षक नहीं हैं।
लेकिन, अब यह स्थिति नहीं रहेगी। मुख्य सचिव के आदेश पर शिक्षा विभाग ने जरूरत के अनुसार शिक्षकों की तैनाती के लिए कसरत शुरू कर दी है। शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 2700 शिक्षकों का तबादला हो सकता है।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
यानी जिस स्कूल में जरूरत से अधिक शिक्षक हैं, उन्हें दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि 16 मार्च को अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
सत्र 2013-14 में शिक्षा विभाग ने 3500 शिक्षकों के तबादले किए, लेकिन अब भी तमाम स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षक ही नहीं है। वहीं, राजधानी के कुछ स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है।
शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद शिक्षा निदेशक माध्यमिक चंद्र सिंह ग्वाल ने शनिवार को जरूरत के अनुसार शिक्षकों के समायोजन का आदेश जारी कर दिया।
ग्वाल ने बताया कि स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों के संख्या करीब 2700 है। इन शिक्षकों को जरूरत वाले विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा।