उत्तराखंड प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और जूनियर के सहायक अध्यापकों के लिए खुशखबरी है। उनका एलटी में समायोजन के लिए आठ साल की सेवा की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की तैयारी है।
इसके लिए शिक्षा निदेशालय से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसे मंजूरी मिली तो बेसिक के हजारों शिक्षकों के लिए यह बड़ी राहत होगी।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और जूनियर हाईस्कूलों के सहायक अध्यापक के एलटी में समायोजन के लिए कम से कम आठ साल की सेवा अनिवार्य है।
इसके बाद ही प्राथमिक के प्रधानाध्यापक और जूनियर के सहायक अध्यापकों का एलटी में समायोजन होता है, लेकिन अब इन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।