पहाड़ से उतरकर देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के स्कूलों में तैनाती की चाहत गुरुजी को सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। तथ्यों को छिपाकर फिर से भर्ती हुए इन शिक्षकों के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हो सकता है। वहीं इनकी पुरानी नौकरी पर भी तलवार लटकी हुई है।
प्रदेश में इस साल हुई बहुप्रतीक्षित 1164 शिक्षकों की भर्ती में बेरोजगारों के साथ कुछ शिक्षक भी भर्ती हो गए हैं। इन शिक्षकों ने तथ्यों को छिपाकर फिर से नियुक्ति पा ली है। पहले से विभाग में कार्यरत इन शिक्षकों ने देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार आदि जनपदों में नियुक्ति के लिए शिक्षक भर्ती के लिए फिर से आवेदन किया था।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई भर्ती के सभी अभ्यर्थियों से शपथ पत्र मांगे जा रहे हैं। उनसे शपथ पत्र लिए जा रहे हैं कि वे विभाग में पहले से कार्यरत नहीं हैं। प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को इन शिक्षकों से शपथ पत्र लेने के निर्देश दिए गए हैं।