डीएवी कॉलेज के शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों की ड्यूटी लोकसभा चुनाव में लगाने के विरोध में अब राजनीतिक दल भी आ गए हैं।
शिक्षकों के समर्थन में यशपाल आर्य ने भेजा पत्र
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को पत्र भेज शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर आपत्ति जताई है। एक सपा नेता ने भी शिक्षकों के समर्थन में सीईओ को पत्र भेजा है।
इस वर्ष सभी अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है। डीएवी के शिक्षक इस पर सबसे ज्यादा विरोध जता रहे हैं।
उनका कहना है कि कई शिक्षक राजनीतिक पार्टियों से जुड़े हैं, लिहाजा ड्यूटी आचार संहिता का उल्लंघन होगा। शिक्षकों का यह भी तर्क है कि इससे गढ़वाल विवि की परीक्षा पर भी असर पड़ेगा।
शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग
हालांकि, लगातार विरोध के बावजूद जिला निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षकों की सूची कालेज को भेज दी है।
अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजे पत्र में शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी के नेता की ओर से भी इस तरह का पत्र मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजा गया है। माना जा रहा है कि डीएवी के शिक्षकों ने ही राजनीतिक पार्टियों पर दबाव बनवाकर यह पत्र भिजवाए हैं।
क्योंकि एसजीआरआर और डीबीएस कॉलेज के भी कई शिक्षक राजनीतिक पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन नेताओं के पत्रों में इनका जिक्र कहीं नहीं किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिले
लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगाने के विरोध में गढ़वाल विवि शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल महामंत्री डा. देवेंद्र त्यागी के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी से मिला।
उन्होंने विवि अधिनियम व परिनियमावली का हवाला देते हुए बताया कि उन्हें राजनैतिक गतिविधियों में भाग लेने की स्वतंत्रता है और कई शिक्षक विभिन्न राजनीतिक पदों पर आसीन हैं।
उन्होंने चुनाव ड्यूटी में न लगाए जाने का अनुरोध किया। इस मौके पर डा. देवेश सिंह, डा. जीएस चौहान आदि मौजूद रहे।
कैसे भी करो बस चुनाव से ड्यूटी कटवा दो
साहब! कैसे भी हो, बस चुनाव से ड्यूटी कटवा दो। मैं बीमार चल रहा हूं, मुझे पिछले साल डेंगू हुआ था और अब पीलिया के लक्षण दिखाई दे रहे है। जिसमें मुझे भूख भी नहीं लगती है।
डॉक्टर साहब मेरा बीमारी का मेडिकल बना दो। कुछ इस प्रकार की बहानेबाजी कर्मचारी चुनाव से ड्यूटी हटवाने को लेकर कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव से ड्यूटी हटवाने के लिए सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी तरह-तरह के बहाने कर रहे हैं।
ड्यूटी हटवाने के लिए वह अधिकारियों को प्रलोभन भी दे रहे हैं, लेकिन चुनाव में ड्यूटी लगाने वाले अधिकारी एनआईसी द्वारा ड्यूटी लगने के कारण असमर्थता जता रहे हैं। तो वह दूसरा तरीका बीमारी और शादी का बना रहे हैं।
डॉक्टर से बनवा रहे मेडिकल
शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी जिला अस्पताल में बीमारी का मेडिकल बनवाने पहुंचे और डॉक्टर से मेडिकल बनाने को कहा। मेडिकल बनवाने के लिए बेचारे दो हजार रुपए तक खर्च करने को तैयार थे।
लेकिन जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मी का वह मेडिकल सर्टिफिकेट या अनफिट सर्टिफिकेट नहीं बना सकते हैं।
जिसके चलते उनका यह पासा भी पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। लेकिन अब वह अपने निवास स्थान के नजदीक वाले बूथ पर ड्यूटी लगवाने को लेकर सिफारिश कर रहे हैं। हालांकि उनके आवेदन लिए जा रहे हैं।
जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी पीबी बुडलाकोटी ने बताया कि यदि दूसरे बूथों के भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी बदलवाने का आवेदन करता है और इससे बूथ प्रभावित नहीं होता है तो इसपर विचार किया जा सकेगा।
चुनाव ड्यूटी में घायल हुए तो मिलेगा मुआवजा
गंभीर घायल को पांच और हिंसा में मृत्यु पर बीस लाख रुपए मिलेंगे हरिद्वार।
चुनाव में ड्यूटी करने पर हिंसा में घायल होने पर या अधिक गंभीर चोटें आदि आने पर पांच लाख रुपए और हिंसा में मृत्यु होने पर बीस लाख रुपए तक का मुआवजा सरकार की तरफ से दिया जाएगा।
प्रदेश की निर्वाचन प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी विज्ञप्ति में चुनाव में ड्यूटी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए।