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शिक्षक दिवस विशेष: दीपक सैनी ने 210 एकलव्यों को तराशकर बनाया निशानेबाज, गांव की प्रतिभाओं को दे रहे मंच

Sat, 05 Sep 2026 05:21 PM IST
Renu Saklani मनव्वर हुसैन, संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की।

सार

गांव-कस्बों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो वे बड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकती हैं। दीपक सैनी पिछले ढाई साल से इसी सोच के साथ बच्चों को निशानेबाजी का प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को लक्ष्य तक पहुंचाने में जुटे हैं।
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दीपक सैनी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शिक्षक दिवस पर जब गुरु-शिष्य की परंगांव-कस्बों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो वे बड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकती हैं। दीपक सैनी पिछले ढाई साल से इसी सोच के साथ बच्चों को निशानेबाजी का प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को लक्ष्य तक पहुंचाने में जुटे हैं।परा की बात होती है तो हालूमाजरा, भगवानपुर निवासी दीपक सैनी का नाम प्रेरणा देता है। करीब ढाई साल से बीएसएम तिराहा स्थित तपस्या शूटिंग रेंज में बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे दीपक सैनी ने अब तक 210 विद्यार्थियों की प्रतिभा को तराशा है।

उनके मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाले छात्र इंटर और स्टेट लेवल की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। शिक्षक दिवस पर दीपक सैनी और उनके विद्यार्थियों की यह मेहनत गुरु-शिष्य की मिसाल बन रही है। दीपक सैनी ने बताया कि उन्होंने लवली यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स में बीएससी की है और पटियाला से एनएसएनआईसी का प्रशिक्षण लिया है। वह एलएलबी की पढ़ाई भी कर चुके हैं। खेल के क्षेत्र में उन्होंने खुद भी राष्ट्रीय स्तर पर ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में लवली यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व किया। 2021 में इंडिया टीम के ट्रायल में भी प्रतिभाग किया।

गांव की मिट्टी से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सपना

दीपक सैनी का कहना है कि उनके पिता ऋषिपाल सैनी किसान हैं और वह स्वयं भी साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। शुरू से ही उनका सपना गांव की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का रहा है। इसी उद्देश्य से वह बच्चों को लगातार अभ्यास करा रहे हैं। उनकी शूटिंग रेंज के खिलाड़ी नॉर्थ जोन की प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। इन प्रतियोगिताओं में 11 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।

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2025 में उनके विद्यार्थियों ने 38 मेडल जीते जबकि 2026 में अब तक 50 मेडल अपने नाम कर चुके हैं। देव बालियान और काव्या कुमार समेत कई खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है। रेलवे डाउन कॉलोनी निवासी देव बालियान ने दो बार गोल्ड मेडल जीतकर परिवार और गुरु का नाम रोशन किया है। दीपक सैनी कहते हैं कि शिक्षक होने के नाते उनका सपना है कि उनके सानिध्य में अभ्यास करने वाला हर विद्यार्थी देश का गौरव बढ़ाए।

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