सोमवार को अभिभावक कनालीछीना पहुंचकर खंड शिक्षाधिकारी हरक राम कोहली से मिले। अभिभावकों ने बताया कि पीपली क्षेत्र के द्वालीसेरा में 2005 में जूनियर हाईस्कूल खोला गया था। उस समय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की अच्छी खासी संख्या थी। वर्तमान में विद्यालय में 30 बच्चे पढ़ रहे थे।
इन बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल में एकमात्र शिक्षक था। आरोप है कि इस अध्यापक ने 10-15 दिन के भीतर एक-एक कर सभी 30 बच्चों की टीसी काट दी। इसके बाद स्कूल बंद हो गया है। अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों को अब पढ़ाई के लिए पांच किमी दूर पीपली जाना पड़ रहा है। स्कूल जाते वक्त जंगल का रास्ता है, वन्य जीवों का खतरा बना रहता है। बच्चों के साथ उन्हें भी जाना पड़ रहा है। उन्होंने स्कूल को नियमित संचालित करने की मांग उठाई।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल में पहले दो शिक्षक थे। इनमें से एक नशे में स्कूल आता था जिसे स्कूल से हटा दिया गया। ऐसे में बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल में एकमात्र शिक्षक रह गया। अभिभावकों का आरोप है कि इस दुर्गम क्षेत्र के विद्यालय में शिक्षक कार्य नहीं करता चाहते हैं। इसलिए छात्रों की टीसी काट दी गई।
वहीं, खंड शिक्षाधिकारी हरक राम कोहली ने बच्चों की टीसी काटने पर नाराजगी जताते हुए अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने को कहा है। कोहली ने भरोसा दिलाया है कि शीघ्र ही स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
ये अभिभावक मिले बीईओ से
खंड शिक्षा अधिकारी से मिलने वालों में मनोज सिंह भंडारी, लच्छी राम, दानू राम, शेर सिंह, दानी राम, प्रताप राम, कल्याण राम, पूरन, प्रकाश, खुशाल राम, कृपाल राम, शेर राम, लालू राम समेत कई अभिभावक शामिल थे।
एक साथ 30 बच्चों की टीसी काटने का मामला संज्ञान में आया है। यह बेहद गंभीर मामला है। कनालीछीना के खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती करने और इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- शौकत अली, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक), पिथौरागढ़