बार-बार के निर्देश के बाद भी एसआईटी को इससे संबंधी सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। शिक्षा निदेशालय से जनपदों को जारी इस पत्र में 31 शिक्षकों के नाम की सूची भेजी गई है।
जिनके खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है, लेकिन इस सूची में हरिद्वार जनपद के भगवानपुर विकासखंड के उन तीन शिक्षकों के नाम नहीं हैं, जो नियुक्ति फर्जीवाडे़ में पूर्व में जेल जा चुके हैं। हालांकि पत्र में यह भी कहा गया है कि कोई अन्य शिक्षक हो तो उसका नाम भी शामिल किया जाए।
धोखाधड़ी में पौड़ी के शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
अपर शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट के मुताबिक पौड़ी में एक व्यायाम शिक्षक की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिक्षक ने अपनी मां के सरकारी नौकरी में कार्यरत होने के बावजूद पिता की मौत के बाद मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति पा ली। जो वर्ष 2014 से विभाग में कार्यरत है।
अपर निदेशक के मुताबिक राजकीय इंटर कालेज हीराखाल यमकेश्वर पौड़ी के सहायक अध्यापक व्यायाम नंद किशोर रतूड़ी के शिक्षक पिता की मौत हो गई थी, उनकी मौत के बाद नंदकिशोर ने मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति पा ली। जबकि उसकी मा सरकारी सेवा में थीं। अपर निदेशक ने कहा कि मृतक आश्रित शासनादेश के मुताबिक पति या पत्नी कोई सरकारी सेवा में है तो उनके बच्चे मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति नहीं पा सकते, लेकिन इस मामले में आरोपी शिक्षक की ओर से झूठा शपथ पत्र देकर शिक्षा विभाग में नियुक्ति पा ली गई थी।