व्योम ने आर्थिक संकट को अपनी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। पिछले साल तक उनके पिता संजय गुप्ता रेलवे रोड पर चाय की ठेली लगाते थे। अब वह घाट रोड स्थित एक गारमेंट्स की दुकान में काम करते हैं। परिवार का खर्च अकेले संजय की कमाई से नहीं चलता, इसलिए व्योम की मां आरती गुप्ता ब्यूटी पार्लर में काम करती हैं।
व्योम का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बस खुद पर भरोसा जरूरी होता है। पैसे की कमी के बावजूद आप कामयाब हो सकते हो। घर पर ही रोजाना ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई को दें और सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करें।