डायबिटीज का मरीज सर्दियों में यह सोचकर फीकी चाय पिए जा रहा है कि ब्लड शुगर हाई नहीं होगी तो गलत सोच रहा है। चाय में मिला हुआ दूध और दूसरे तत्व उसकी शुगर हाई कर देंगे।
अस्पतालों में आ रहे डायबिटीज के मरीजों की ब्लड रिपोर्ट तो यही कहती है। इन मरीजों को अपना डाइट चार्ट दुरुस्त करवाना पड़ रहा है।
घटता है हीमोग्लोबिन
डायबिटीज के बहुत से मरीजों में एक जटिलता और पैदा हो गई है। उनका हीमोग्लोबिन घटने लगा है। उनकी डायग्नोसिस तैयार की गई तो पता चला कि ठंडक बढ़ने के साथ उन मरीजों ने अपनी आदत में एक बदलाव कर लिया था।
अधिकतर मरीज खाना खाने के बाद अधिक सर्दी लगने से चाय और कॉफी पीने लगे थे। इससे उनका हीमोग्लोबिन कम होने लगा।
सर्दियों में भी करें परहेज
दून अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डा. महावीर सिंह का कहना है कि डायबिटीज के मरीज सर्दियों में भी वही परहेज रखें। खाने का दिल करे तो किस्तों में खाएं बीच में दो घंटे का गैप रखें। इससे शुगर लेवल हाई नहीं होने पाएगा।
दून अस्पताल की डाइटीशियन ऋचा कुकरेती का कहना है कि ठंडक बढ़ने के बाद से डायबिटीज के मरीज शिकायत लेकर आ रहे हैं कि दवा की खुराक वही है लेकिन ब्लडशुगर नियंत्रित नहीं हो रही है। पूछने पर पता लगा कि मरीजों ने चाय की संख्या दो-तीन से बढ़ाकर सात से 10 दी है।
ऐसे होती है दिक्कत
चाय में कलर के लिए मिलाए जाने वाले दूध का असर मरीज के ब्लडशुगर लेवल पर पड़ता है। इसके साथ ही चाय में पाया जाना वाला तत्व कैफीन का प्रभाव आता है।
खाने के फौरन बाद चाय और कॉफी पीने से कैफीन आयरन तत्व पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे आयरन एब्जार्ब नहीं होता और हीमोग्लोबिन कम होने लगता है।
ऐसे तैयार करें चाय
पानी को गर्म करें। जब पानी खौलने लगे तो चाय डालकर गैस फौरन बंद कर दें। इससे चाय का कलर तो आ जाएगा लेकिन कैफीन की मात्रा कम रहेगी। इसके बाद उसमें दो-तीन बूंद नीबू निचोड़ दें। इससे चाय में नुकसानदेह तत्व और कम हो जाएंगे।