चाय बागानों पर माफिया की है गिद्द दृष्टि
चाय बागानों का नाम कई बार विवादों में रहा है। प्रेमनगर क्षेत्र के चाय बागानों से गांवों की जमीनों की सीमा लगती है। ऐसे में कई बार इस तरह के मामले सामने आए कि लोगों ने इन गांवों की जमीनों का सीमांकन कराया तो कुछ हिस्सा चाय बागान की जमीन का भी शामिल कर लिया। जमीनों के इस खेल में कई लोगों के खिलाफ यहां मुकदमे भी दर्ज हुए।
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अब भी चल रहा है खेल मैदान का मामला
वर्ष 2018 में ईस्ट होपटाउन अंबीवाला टी-एस्टेट में 60 बीघा चाय बागान को नष्ट कर यहां पर खेल मैदान बना दिया गया। उस वक्त अमर उजाला ने ही इस मामले को उठाया तो प्रशासन जागा और माना कि यहां पर नियमों का उल्लंघन हुआ था। उस वक्त जिला प्रशासन ने इस जमीन को सरकार में निहित करने के लिए एक रिपोर्ट भी शासन को भेजी। हालांकि, अब तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ और यहां आज भी खाली मैदान ही पड़ा हुआ है।