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टैक्सी के पहिए हुए जाम, पहाड़ पर जिंदगी ठप

Thu, 08 Jan 2015 02:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गढ़वाल, देहरादून
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उत्तराखंड टैक्सी-मैक्सी पर्वतीय महासंघ की बुधवार से शुरू हुई हड़ताल ने पहले दिन ही व्यापक असर दिखाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन नहीं मिलने से लोगों को पांच से दस किमी तक का पैदल सफर तय करना पड़ा। टिहरी जिले में नैनबाग से दूध मसूरी तक नहीं पहुंचा। इन रूटों पर बसें खचाखच भरकर चली।
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हड़ताली वाहन स्वामियों और चालकों ने जगह-जगह धरना-प्रदर्शन के साथ ही राज्य सरकार के पुतले फूंके। कोटद्वार में जीएमओयू ने अतिरिक्त बसें चलाई। हड़ताल के कारण कई जगह शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाए। कर्णप्रयाग में यूनियन ने उन चालकों पर थप्पड़ भी जड़े जो सवारियां ढो रहे थे। कुमाऊं से आने वाले वाहन ग्वालदम बाजार तक नहीं पहुंच पाए।

श्रीनगर में बदरीनाथ से हरिद्वार जा रहे केरल के यात्री दल को हड़तालियों ने स्टैंड के सामने उतार दिया। पौड़ी में उत्तराखंड टैक्सी मैक्सी पर्वतीय महासंघ 9 जनवरी को जनता की गैस संबंधी दिक्कतों को लेकर गैस एजेंसी दफ्तर का घेराव करेगा।
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हड़ताल पर हरकत में आई सरकार

टैक्सी-मैक्सी कैब संचालक जिन मांगों को लेकर हड़ताल पर उतरे हैं, उनके निस्तारण की प्रक्रिया शासन पहले ही शुरू कर चुका है। हड़ताल से आम जनजीवन प्रभावित होने से मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मामले में शासन से जानकारी ली।

टैक्सी-मैक्सी संचालकों की कुछ मांगों पर शासनादेश जारी कर दिया है, जबकि बाकी को जल्द निस्तारित करने का आश्वासन दिया है।

प्रमुख सचिव एस रामास्वामी ने बुधवार को इस मसले पर विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि वह टैक्सी मैक्सी संचालकों के मांग पत्र पर कार्य कर रहा है। प्रमुख सचिव परिवहन एस रामास्वामी ने बताया कि टैक्सी-मैक्सी कैब पर्वतीय क्षेत्र में यातायात का मुख्य साधन है।

शासन ने मांग ली हैं कई मांगे

उनके हड़ताल पर जाने से पूर्व उनके मांग पत्र पर विभागीय अधिकारी कार्य कर रहे हैं। कुछ मांगों के शासनादेश जारी हो गए हैं, जबकि शेष जिनपर तकनीकी या कानूनी राय की जरूरत है, उनके निस्तारण के लिए गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

इनपर बनी सहमति
- बिना ग्रीन कार्ड वाहन धारकों की टैक्स माफी का आदेश जारी।
- 10 प्लस एक सवारी वाहन परमिट के लिए तकनीकी कमेटी गठित।
- इंश्योरेंस संबंधित मांग पर आईआरडीए से मांगी सलाह।
- रीजनल परमिट से संबंधित मांग का शासनादेश जारी।

ये मामले विचाराधीन
- वाहनों की अधिकतम आयुसीमा 12 से 15 वर्ष करना विचाराधीन।
- नियम 71 में बदलाव की मांग का मुद्दा है वैधानिक।
- लाइसेंस नवीनीकरण के लिए झाझरा ड्राइविंग स्कूल आने की बाध्यता का मिलेगा विकल्प।
- जून 2013 की आपदा के दौरान यात्रियों को छोड़ने वाले वाहनों को भुगतान विचाराधीन।
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देहरादून में पहाड़ जाने वाली सवारियां परेशान

देहरादून। विभिन्न मांगों पर मैक्सी कैब संचालकों की प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर राजधानी पर भी नजर आया। बुधवार को दून में वाहन संचालक हड़ताल पर रहे। इससे सवारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।

दून से श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, जोशीमठ, गोपेश्वर, उत्तरकाशी, पुरोला, बड़कोट, टिहरी, घनसाली, हरिद्वार, कोटद्वार आदि जगहों के लिए ढाई सौ से ज्यादा मैक्सी कैब चलती हैं। बुधवार को हड़ताल की वजह से वाहन नहीं चलने के बाद इन क्षेत्रों की सवारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।

गढ़वाल में रोकीं हरिद्वार की 50 टैक्सियां
हरिद्वार। गढ़वाल में हुई टैक्सी-मैक्सी चालकों की हड़ताल के कारण शहर के 50 छोटे वाहन जगह-जगह अटक गए। टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारियों ने वाहनों से सवारियों को बीच में ही उतार दिया। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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