टैक्सी तेल बिल घोटाले के आरोपी मुख्यमंत्री के सचिवों के खिलाफ सचिवालय प्रशासन (एसएटी) कार्रवाई करेगा। इस मामले में एसएटी ने संज्ञान ले लिया है। इस प्रकरण में फंसे डाक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करनी है। इस प्रकरण में अभी तक अपर मुख्य सचिव को सिर्फ एक डाक्टर ने जवाब दिया है।
टैक्सी तेल बिल घोटाले के मामले में पुलिस ने मुख्यमंत्री के चार निजी सचिवों को नोटिस जारी किया था। मुख्यमंत्री के निजी सचिव सचिवालय प्रशासन के अंडर में आते हैं। स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। इस पर मामला सचिवालय प्रशासन को दे दिया गया। एसएटी अब अपने स्तर से इन निजी सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगा।
इस प्रकरण के आरोपी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग को करनी है। आरोपी डाक्टरों से इस संबंध में जवाब तलब किया गया था, लेकिन अभी तक अपर मुख्य सचिव कार्यालय को सिर्फ डा. आरएस असवाल का ही जवाब मिला है। सूत्रों का कहना है कि महानिदेशालय में 10 डाक्टरों ने अपना जवाब दे दिया है। 12 आरोपी डाक्टरों में से दो की मौत हो चुकी है।
प्रकरण की जांच कर रही पुलिस ने राज्य संपत्ति विभाग से भी मुख्यमंत्री की फ्लीट में शामिल होने वाले वाहनों के संबंध में जानकारी मांगी थी। इस पर विभाग ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री जब राजधानी में कहीं आते-जाते हैं तो वाहनों की व्यवस्था राज्य संपत्ति विभाग कराता है। दूसरे जिले के किसी कार्यक्रम में जाने पर संबंधित विभाग या जिलाधिकारी वाहनों की व्यवस्था कराते हैं।