आग में झुलसे लोगों कों अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जंगलों की आग विकराल रूप ले चुकी है। बृहस्पतिवार को पौड़ी-कांसखेत मार्ग पर टेका के समीप जंगल में भड़की आग की चपेट में आने से टैक्सी से कोटद्वार जा रहीं तीन महिलाओं समेत सात यात्री झुलस गए।
बुधवार को आग बुझाने के प्रयास में बुरी तरह झुलसी विवाहिता की हायर सेंटर ले जाते वक्त मौत हो गई। पौड़ी जिले के ही कल्जीखाल ब्लॉक के कांसखेत गांव में मकान की छत तक पहुंची आग को बुझाने के प्रयास में एक ग्रामीण आंशिक रूप से झुलस गया। दो दिनों में वनाग्नि की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो चुकी है और ग्यारह लोग झुलस चुके हैं।
पौड़ी-कांसखेत मार्ग पर टेका के समीप बृहस्पतिवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे पौड़ी से सवारियां लेकर कोटद्वार जा रही टैक्सी जंगल में भड़की आग की चपेट में आ गई। इससे घबराकर टैक्सी में सवार पौड़ी जनपद के खातस्यूं पट्टी के सिमतोली गांव निवासी गोमती देवी (55), जौनपुर कोटद्वार निवासी भरत सिंह(40), जामलाखाल मिसरी निवासी अजय (30), दुर्गापुरी कोटद्वार निवासी कुसुमलता (35), पदमपुर कोटद्वार निवासी विभा रतूड़ी (28), चमोली जिले के गौचर निवासी वीरेंद्र सिंह (35), घाट निवासी लक्ष्मण सिंह (22) समेत सात यात्री तेजी से टैक्सी से नीचे उतर गए और सभी आग की लपटों की चपेट में आने से झुलस गए। उन्हें 108 आपातकालीन सेवा से जिला अस्पताल में लाया गया।