केदारनाथ पैदल मार्ग की वर्तमान स्थिति और काम शुरू करने की संभावनाओं को देखने के लिए डीआईजी जीएस मर्तोलिया और एनआईएम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोटियाल ने केदारघाटी का हवाई सर्वेक्षण किया।
अगले सप्ताह पुलिस और एनआईएम (नेहरु पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी की टीम गौरीकुंड से लिनचोली तक पैदल जाएगी।
सरकार ने गठित की टास्क फोर्स
केदारनाथ मार्ग की निगरानी के लिए सरकार ने टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। इसकी जिम्मेदारी पुलिस उप महानिरीक्षक जीएस मर्तोलिया को दी गई है। फोर्स में एनआईएम के प्रधानाचार्य अजय कोटियाल भी शामिल हैं।
इसी के तहत फोर्स के अधिकारियों ने गौरीकुंड से केदारनाथ की चॉपर से रेकी की। सर्वेक्षण के बाद अधिकारी मस्ता हेलीपैड में उतरे।
बना रहे रूट मैप
डीआईजी जीएस मर्तोलिया ने बताया कि पैदल मार्ग की स्थिति देखी जा रही है। रास्ते में क्या-क्या हो सकता है, इसका रूट मैप बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यात्रा को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए होमवर्क चल रहा था।
रास्ते में हैं ग्लेशियर
उन्होंने बताया कि गौरीकुंड और केदारनाथ के मध्य लिनचोली में दो से चार फीट तक बर्फ जमी हो सकती है। कुछ स्थानों पर ग्लेशियर हैं। वर्तमान परिस्थतियों में रामबाड़ा तक पैदल मार्ग के सुधारीकरण का कार्य हो सकता है।