माउंट एवरेस्ट फतह करने वालीं जुड़वां बहनें ताशी, नुंग्शी 30 नवंबर से मिशन 2 फार 7 के आखिरी पड़ाव माउंट विंसन (अंटार्कटिका) पर निकलेंगी, लेकिन इनके माता-पिता अभी से चिंता का पहाड़ चढ़ रहे हैं।
बहनों के सामने नहीं कोई चर्चा
चिंता है अभियान के खर्च को लेकर। दोनों बहनों के हौसले पर उनकी चिंता का प्रभाव न पड़े, इसके लिए वह खुद भी स्ट्रेस मैनेजमेंट में जुटे हैं। बहनों के सामने खर्च को लेकर कोई चर्चा नहीं कर रहे।
इन जुड़वां बहनों के पिता कर्नल वीरेंद्र मलिक बताते हैं कि अभियान पर आने वाला खर्च 60 लाख रुपए के आस-पास है, जिसमें से अभी तक 40 लाख इकट्ठा हो पाए हैं।
कुछ समय पहले दोनों पर्वतारोही बहनें राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने गई थीं, लेकिन 15 लाख रुपए की मदद का वायदा अभी अधूरा है। बकौल वीरेंद्र मलिक घर में बने जिम में दोनों बहनें फिलहाल वेट ट्रेनिंग पर जुटी हैं। उनके उत्साह पर पानी पड़े, ऐसा वह नहीं चाहते।
मिशन के बाद किताब
ताशी, नुंग्शी मिशन 2 फार 7 खत्म करने के बाद इससे जुड़े अपने अनुभवों को किताब की शक्ल देने वाली हैं। इसके लिए तैयारी हो चुकी है।
इतना होगा अभियान पर खर्च
क्लाइंबिंग फीस- 24 लाख रुपए (दो की 48 लाख)
ट्रैवलिंग चार्ज- 4 लाख रुपए (दिल्ली से चिली ट्रैवल इंश्योरेंस समेत)
उपकरण- 5 लाख रुपए
एक्सपीडिशन इंश्योरेंस- 1.5 लाख रुपए
वीजा, बैनर समेत अन्य खर्च-1 लाख रुपए