शेयर मार्केट के धड़ाम गिरने से जहां निवेशकों का सुख-चैन छिन गया, वहीं जानकारों का कहना है कि इस संकट को एक अच्छे मौके की तरह देखा जाना चाहिए।
निवेशक इक्विटी, डेट मार्केट में कम अवधि के पोर्टफोलियो से दूरी बनाएं। लंबी अवधि का पोर्ट फोलियो तैयार करें। निवेशकों को बाजार में इस वक्त कम-से-कम दो साल के बांड पर नजर रखनी चाहिए।
बेहतर यह रहेगा कि वह निर्यातोन्मुखी कंपनियों खास तौर पर आईटी कंपनियों के शेयरों पर विचार करें।
मनसुख सिक्योरिटीज एंड फाइनेंस के पंकज गुप्ता के मुताबिक अगर गिरावट जारी रहती है तो छोटी अवधि के पोर्ट फोलियोधारक के लिए फायदेमंद यह रहेगा कि वह बाजार में तेजी आते ही छोटा मुनाफा लेकर बाजार से निकल ले।
लेकिन यह सलाह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए नहीं है। निवेशकों को अब थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। एक साथ बड़ी राशि को निवेश करने की जगह अपनी पूंजी को पांच हिस्सों में बांट लें।
थोड़े-थोड़े समयांतराल पर निवेश करें। ज्यादा नुकसान न उठाना पड़े इसके लिए बेहतर होगा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की ज्यादा हिस्सेदारी वाले क्षेत्रों में निवेश से दूर रहा जाए।