एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने शनिवार को नकली नोट छापने वाले दो युवकों को 67,300 रुपये के नकली नोटों के साथ उत्तराखंड में खटीमा से गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर नानकमत्ता से एक कंप्यूटर, प्रिंटर और स्कैनर बरामद किया है। दोनों युवक नकली नोट बनाने का धंधा लंबे समय से कर रहे थे।
पहले भी हुआ है भंडाफोड
इससे पहले पुलिस ने मंगलवार को जसपुर में भी 100 रुपये के नकली नोट के कथित छापाखाने का भंडाफोड़ कर गिरोह के सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
उनसे 70,000 रुपये के नकली नोट, कंप्यूटर, मोहरें, परिवहन तथा आयकर विभाग के नकली कागजात और 10-10 रुपये के एक हजार से अधिक स्टांप पेपर बरामद हुए थे।
दो युवक गिरफ्तार
सीओ जेएस पांगती ने बताया कि शनिवार को मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसटीएफ और पुलिस टीम ने इंस्पेक्टर योगेश चंद्र के नेतृत्व में बाइक सवार दो युवकों को झनकट में पकड़ा।
तलाशी लेने पर दोनों से 67,300 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इसमें हजार के आठ, पांच सौ के 71 और सौ के 238 नकली नोट थे।
कंप्यूटर हार्डवेयर में डिप्लोमा
सीओ ने बताया कि पकड़े गए युवक मंजीत सिंह पुत्र गुरदेव सिंह टीला नंबर चार, बमनपुरी भागीरथ शारदापुरी टीएस हजारा (पीलीभीत) और खेमपुर सितारगंज निवासी कमलजीत सिंह पुत्र लीला सिंह हैं।
मंजीत की निशानदेही पर उसके घर से प्रिंटर, कंप्यूटर और स्कैनर बरामद हुआ है। मंजीत 2010 में देहरादून से कंप्यूटर हार्डवेयर का डिप्लोमा कर चुका है।
एक लाख से ज्यादा की रकम जमा
डेढ़ महीने के भीतर वह विभिन्न बैंकों में एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा कर चुका है। पुलिस जांच कर रही है कि उसके पास इतनी रकम कहां से आई।
भारत-नेपाल सीमा से लगा क्षेत्र
उन्होंने बताया कि मशीन द्वारा छपाई कर नकली नोटों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र में नकली नोट और इनको छापने के उपकरण बरामद होने से पुलिस सकते में है।
आरोपियों को दबोचने वाली टीम में एसटीएफ के इंस्पेक्टर योगेश चंद्र के अलावा उपनिरीक्षक संजय मिश्रा, कांस्टेबल प्रमोद, महेंद्र और खटीमा थाने के दरोगा विनोद कुमार शामिल थे।