राजधानी में स्वाइन फ्लू से बच्चे की मौत के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रदेश भर के स्कूलों को फ्लू से बचाने के लिए साफ-सफाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों के हाथ धोने के लिए हर स्कूल को धनराशि जारी की गई है। उधर, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी शुक्रवार को स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की और सभी जिलाधिकारियों को इस बाबत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
देहरादून के सरकारी स्कूलों में प्रार्थना सभाओं और खेल प्रतियोगिताओं पर रोक लगा दी गई है। कई स्कूलों ने छोटे बच्चों की कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। उधर, शुक्रवार को भी हरिद्वार जिला अस्पताल में दस संदिग्ध मरीज पहुंचे। इनमें से चार को फ्लू की आशंका के चलते सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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दून में छह और संदिग्ध मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए। शहर में स्वाइन फ्लू की आशंका में भर्ती रोगियों की संख्या 27 हो गई है। इनमें से चार में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
कांपे स्कूल, स्कूलों में बरती जा रही विशेष सतर्कता
राजधानी में स्वाइन फ्लू के कहर से निजी और सरकारी स्कूल कांप गए हैं। सतर्कता बरतते हुए सेंट जोजफ्स एकेडमी सहित अधिकतर निजी स्कूलों ने छोटी कक्षाओं (नर्सरी से यूकेजी तक) के बच्चों की पांच से सात दिन तक की छुट्टी कर दी है।
वहीं, सेंट जोजफ्स एकेडमी में पहली से पांचवीं वाले बच्चों को एक दिन का अवकाश दिया गया है। केंद्रीय, सरकारी और निजी विद्यालयों में बच्चों को मास्क लगाकर आने के लिए कहा गया है।
सेंट जोजफ्स एकेडमी की शिक्षिका सुमन तिवारी के मुताबिक छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम की शिकायत के बाद स्कूल ने उनकी छुट्टी का फैसला किया है। अब उन्हें बृहस्पतिवार को आना होगा। एक से पांचवीं तक के बच्चों की शनिवार को छुट्टी रहेगी। केंद्रीय विद्यालय हाथीबड़कला-1 के शिक्षक प्रमोद कुमार के मुताबिक स्कूल के बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।
वार्डों में सफाई की मांग स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर वरिष्ठ भाजपा पार्षद सुशील गुप्ता ने वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह से मिलकर वार्डों में सफाई की मांग की। उन्होंने अफसरों से वार्डों का दौरा करने की मांग की।