स्वाइन फ्लू के मामले में जहां देशभर में हाहाकार मचा है, वहीं उत्तराखंड के लिए थोड़ी राहत वाली खबर है।
क्योंकि दिल्ली में जिन नए 12 सैंपल का परीक्षण हुआ, उनमें से एक भी पॉजिटिव नहीं निकला। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश के मुताबिक सरकार के पास करीब तीन हजार टेमी फ्लू की गोलियां स्टॉक में हैं।
प्रदेश में दवा की कमी नहीं है। फिर भी एक हजार टेबलेट की मांग केंद्र से की है, दो-तीन दिन में इसके मिलने की संभावना है। प्रदेश से अब तक 90 सैंपल परीक्षण के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें से 52 के परिणाम आ चुके हैं। बुधवार तक प्रदेश को 40 मामलों की रिपोर्ट मिली थी, जिसमें से 12 मामले पॉजिटिव थे।
गुरुवार को 12 और सैंपल का परिणाम आया। इनमें एक भी पॉजिटिव नहीं है। गुरुवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि बाहर से आवाजाही के कारण प्रदेश में स्वाइन फ्लू का संक्रमण है, पर यह महामारी की स्थिति में नहीं है।
बीमारी का प्रभाव दून, हरिद्वार तक सीमित
बताया गया कि स्वाइन फ्लू का प्रभाव फिलहाल दून और हरिद्वार तक सीमित है। देहरादून से अब तक 62 सैंपल भेजे गए थे, इसमें से 42 की रिपोर्ट मिल चुकी है। इसमें से 10 मामले पॉजिटिव मिले हैं और एक की मृत्यु हो चुकी है।
हरिद्वार से 18 सैंपल भेजे गए, 9 की रिपोर्ट मिल चुकी है। इसमें से 2 मामले पॉजिटिव मिले हैं और एक की मौत हो चुकी है। नैनीताल से एक सैंपल भेजा गया, इसकी रिपोर्ट नेगेटिव रही। वहीं, ऊधमसिंह नगर से 9 सैंपल भेजे गए थे। इसमें से किसी की रिपोर्ट नहीं आई है।
मरीज निजी अस्पताल रैफर, तो खर्च उठाएगी सरकार
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने पर्याप्त वेंटिलेटर होने का भी दावा किया। बताया कि दून जिला अस्पताल में पांच वेंटिलेटर हैं। इससे ज्यादा का प्रबंध करना संभव नहीं है। फिर भी सरकार ने फैसला कर लिया है कि सरकारी अस्पतालों से रैफर होकर अगर कोई मरीज निजी अस्पताल जाता है तो उसके इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
तेज बुखार, दूसरी स्टेज का है लक्षण
फिलहाल एच 1 एन 1 वायरस के म्यूटेट (फैलने) करने से इनकार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य महानिदेशक का कहना है कि स्वाइन फ्लू का संक्रमण होने पर दूसरी
स्टेज में तेज बुखार प्रमुख लक्षण है।
कुछ समय पहले ही यह भी सामने
आया था कि संक्रमण होने पर तेज बुखार का लक्षण दिखना जरूरी नहीं है। ऐसा इस
कारण भी है कि एच 1 एन 1 वायरस ने अपना स्वरूप बदल लिया है।
कहां-कहां इलाज
- हिमालयन इंस्टीट्यूट (जौलीग्रांट, दून) - 4
- मैक्स, देहरादून - 4
- वेल्हम स्कूल अस्पताल (हरिद्वार) -1
- राम कृष्ण मिशन अस्पताल (हरिद्वार) - 1
- भूमानंद (हरिद्वार) - 1
आहूजा लैब ने भी किया परीक्षण के लिए आवेदन
देहरादून स्थित आहूजा लैब ने भी स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए आवेदन किया है। अभी इसकी अनुमति लैब को नहीं मिली है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू का टेस्ट करने के लिए कोई लैब अधिकृत नहीं है।
प्राइवेट कर रहे मनमानी
स्वाइन फ्लू के टेस्ट के नाम पर कई लैब मरीजों से मनमाने पैसे वसूलने के आरोप के घेरे में भी हैं। शासन का कहना है कि इस पर बिना एक्ट के लगाम कसना संभव नहीं है। सरकार इस टेस्ट के लिए कोई शुल्क नहीं ले रही है।