अस्पताल व्यवस्थाएं करें दुरुस्त
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में चिकित्सा संस्थानों को चेताया गया कि इंफ्लुएंजा परीक्षण किट, पीपीआई, मास्क, वीटीएम वॉयल, ओसेल्टामिविर दवा, वेंटिलेटर के पर्याप्त इंतजाम रखना अनिवार्य है। सभी को इसकी समीक्षा करनी होगी। किसी भी तरह की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सामान्य वायरल जैसे दिखते हैं लक्षण
एम्स ऋषिकेश के इंटर्नल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.अखिलेश कुमार के अनुसार स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने में सामान्य वायरल जैसे लगते हैं लेकिन लोगों को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके शुरुआती लक्षण सांस लेने में दिक्कत, अचानक बुखार, ठंड लगना, खांसी, नाक बहना, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और अत्यधिक थकान के रूप में सामने आते हैं। इसके कुछ लक्षण सामान्य वायरल होने पर भी देखने को मिलते हैं। इस तरह के लक्षण सामने आने पर लोगों को बिना किसी देरी के एलाइजा जांच करानी चाहिए।
म्यूटेशन से नए रूप में सामने आता है वायरस
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.विजय भंडारी ने बताया कि वायरस किसी जीव की तरह पैदा नहीं होता, बल्कि अपने आनुवंशिक बदलाव यानि म्यूटेशन से नए रूप में सामने आता है। कई बार वायरस के अलग-अलग जीन मिलने से भी यह पैदा हो सकता है।
इंफ्लुएंजा एच1एन1 वायरस से निपटने के लिए सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देश देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए कहा गया है। हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।
- विनय शंकर पांडेय, स्वास्थ्य सचिव, उत्तराखंड