इस रोग का वायरस खांसने व छींकने से फैलता है। वायरस के लक्षण पाए जाने पर मरीज को डॉक्टरों के परामर्श से दवाईयां लेनी चाहिए। प्रदेश में वायरस के कारण संदिग्ध मौत होने पर डेथ ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके बाद ही वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाएगा।
बैठक के बाद इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलेस कार्यक्रम (आईडीएसपी) के तहत जिला निगरानी अधिकारी, एपिडेमियोलॉजिस्ट, माइक्रो बाइलोजिस्ट को इंफ्लुएंजा वायरस की रोकथाम व बचाव की ट्रेनिंग दी गई।
इस मौके पर राज्य नोडल अधिकारी डॉ.पंकज सिंह, सीएमओ देहरादून डॉ.मीनाक्षी जोशी, अपर निदेशक डॉ.सुमन आर्य, सहायक निदेशक अजीत मोहन जौहरी, ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।