अब विहिप और संघ की तर्ज पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि देश की जनता ने कांग्रेस को हिंदूओं की उपेक्षा की सजा दी है। अब यह बात साफ हो गई है कि हिंदुओं का विरोध कर कोई दल सत्ता में नहीं आ सकता। हिंदू भावनाओं का सम्मान सभी को करना होगा।
शुक्रवार दोपहर बदरीनाथ रवाना होते हुए शारदा और ज्योर्ति (ज्योतिष) पीठाधीश्वर ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि इंदिरा, राजीव और सोनिया ने स्वयं उनसे मिलकर कहा था कि वे हिंदू हैं।
राहुल भी हिंदू
शंकराचार्य के रूप में उन्होंने इस स्वीकृति को स्वीकार किया था। राहुल गांधी भी उसी वंश से आने के कारण हिंदू हैं। यह और बात है कि वह आज तक उनसे मिलने नहीं आए। केदारनाथ जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि राहुल को इसका पुण्य जरूर मिलेगा।