जिसके लिए मानसून से पहले गड्ढा खोदा जाता है और मानसून के बाद देखा जाता है कि उसमें पानी के साथ बहकर पत्थर आए या नहीं। उन्होंने कहा कि जून में जब एनजीटी ने आदेश किया तो बारिश का मौसम था, तो उस वक्त एफआरआई ने सर्वे किस प्रकार किया। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्ट स्वीकार्य नहीं है और एनजीटी से एफआरआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि 24 नवंबर को वह किसी काम से दिल्ली गए हुए थे और उनकी गैरहाजरी में एडीएम और एसडीएम ने मातृसदन पहुंचकर गंगा की रक्षा के लिए अनशनरत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद से वार्ता की। उन्होंने आरोप लगाया कि एडीएम और एसडीएम ने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद पर अनशन समाप्त करने के लिए दबाव बनाया।