केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने गंगा के लिए कार्य करने का प्रयास किया तो केंद्र सरकार ने उन्हें कार्य नहीं करने दिया और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को गंगा की निर्मलता का कार्य सौंप दिया गया, जबकि नितिन गडकरी से बेहतर कार्य उमा भारती कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि बुधवार को गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद को अनशन 104 दिन हो गए हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। यदि स्वामी सानंद के प्राण जाते हैं तो वह नवरात्रों के बाद वह अनशन पर स्वयं बैठेंगे।
हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले एक माह से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर भी स्वामी शिवानंद ने प्रश्नचिह्न लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी के कार्यकाल के दौरान अतिक्रमण हुआ है उस पर भी कार्रवाई की जानी है, लेकिन प्रशासन केवल जनता को ही परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अधिग्रहण और अतिक्रमण में फर्क नहीं कर पा रही है। यदि लक्सर रोड पर अधिग्रहण किया गया है तो प्रशासन मुआवजा दिए जाने के कागजात भी लोगों को दिखाए।