स्वजल परियोजना व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग उत्तराखंड के निदेशक डा. राघव लंगर ने बताया कि केंद्र सरकार ने सर्वोत्तम स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस का चयन करने के लिए देशभर से नामांकन आमंत्रित किए थे, जिसके तहत उत्तराखंड सरकार ने उत्तरकाशी प्रशासन के कार्यों को देखते हुए गंगोत्री धाम का नाम प्रस्तावित किया था। विगत दो अक्तूबर को गांधी जयंती व स्वच्छ भारत मिशन की चौथी वर्षगांठ पर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने विजेताओं की घोषणा की, जिसमें गंगोत्री धाम ने देश के कई स्थलों को पछाड़ते हुए विशिष्ट स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस का खिताब हासिल किया।
नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में स्वच्छ भारत मिशन के राज्य समन्वयक डीआर जोशी ने पुरस्कार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी प्रशासन व स्वजल परियोजना द्वारा गंगोत्री धाम के लिए बनाए गए मास्टर प्लान के तहत चलाए गए सफाई अभियानों एवं विकास कार्यों की प्रगति के फलस्वरूप राज्य को यह सम्मान हासिल हुआ है।
वहीं जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने सम्मान मिलने पर हर्ष जताते हुए बताया कि गंगोत्री धाम के विकास के लिए ओएनजीसी की तरफ से करीब 22 करोड़ का बजट मिलना है। इसमें से अभी तक मिले 60 लाख रुपयों से रीवर फ्रंट पार्क, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा वाहन आदि कार्य किए गए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार को ऊर्जा का स्रोत बताते हुए निरंतर विकास कार्य करते रहने का भरोसा दिया।