गंगा में खनन के विरोध में जल त्याग कर तप कर रहे स्वामी शिवानंद को रविवार रात उठाने के लिए जबरन मातृसदन में घुसने के मामले में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
इसमें मातृसदन ने डीएम, एसपी सिटी समेत आठ अधिकारियों और कर्मियों को नामजद करते हुए 80 लोगों को पक्षकार बनाया गया है। सीजेएम कोर्ट में दायर वाद में मातृसदन ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के इशारे और डीएम के निर्देश पर पुलिस दल-बल के साथ जबरन उनके आश्रम में घुसी। उसके बाद आश्रम के पवित्र स्थल पहुंचकर मर्यादा को भंग किया।
इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसमें मुख्यमंत्री हरीश रावत, डीएम हरबंस सिंह चुघ, एसपी सिटी प्रमेंद्र डोबाल, कनखल थाना प्रभारी जवाहर लाल, बहादराबाद थाना प्रभारी अमर चंद्र शर्मा, कनखल थाने के उपनिरीक्षक वेदपाल, जिला अस्पताल के डा. वीपी मौर्या सहित आठ अधिकारी-कर्मचारियों को नामजद करते हुए दल-बल में शामिल 80 लोगों को पक्षकार बनाया गया है।
गंगा में खनन पर कार्रवाई करने के बजाय मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने जबरन मातृसदन में प्रवेश कर गुंडागर्दी की है। आश्रम के पवित्र स्थल पहुंचकर मर्यादा भंग की है। ऐसा करने वालों को सबक सिखाया जाएगा।
- स्वामी शिवानंद, परमाध्यक्ष मातृसदन हरिद्वार