नैनीताल हाईकोर्ट ने रानीबाग की एचएमटी फैक्ट्री को बंद करने के केंद्र सरकार आदेश पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और एचएमटी प्रबंधन को हलफनामा देकर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा ने इस प्रकरण पर सख्त टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार और एचएमटी प्रबंधन से पूछा है कि उत्तराखंड में इंडस्ट्रीज की जरूरत है, फिर भी केवल सरकारी फैक्ट्रियां ही क्यों बंद हो रही हैं। फैक्ट्री का नुकसान प्रबंधन की गलती है न कि कर्मचारियों की। कोर्ट ने पूछा है कि ऐसा क्यों हो रहा है।
एचएमटी कामगार संघ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 17 नवंबर 2016 को केंद्र सरकार ने आदेश पारित कर कहा था कि एचएमटी फैक्ट्री रानीबाग को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाए।
आईसीआरए तथा पीडब्ल्यूसी दो एक्सपर्ट एजेंसी ने एचएमटी कंपनी का आडिट करने के बाद भी बंद करने की सलाह नहीं दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों का वेतन और सेवाकाल का विवाद सुलझाए बिना फैक्ट्री को बंद नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार का आदेश गलत है। वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा की एकलपीठ ने पक्षों की सुनवाई के बाद 17 नवंबर के आदेश पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और एचएमटी प्रबंधन को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।