आलोचनाओं पर प्रो. डॉ. रविकांत ने भी सख्त जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी बेवकूफी की बातें कर सकता है, वह उसका राइट है मेरा नहीं। इसके अलावा उन्होंने राजेंद्र सिंह के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोई ये कहे कि मुझे रिकॉर्डिंग सुनाओ, तो वह मेरे पास नहीं है और न ही वह मेरा काम है।
अंतिम दर्शन की मांग को लेकर कहा कि जब किसी ने शरीर छोड़ दिया तो परिवार कैसा। कोई संवेदना व्यक्त करना चाहता है तो वह चित्र लगाकर अपने घर में करे। हम भी श्रद्धांजलि अर्पित करने आएंगे। जब स्वामी सानंद ने पार्थिव शरीर हमें सौंपा है तो वह मेडिकल इंस्टीट्यूशन का हो गया।
शुरू होगी लोक चेतना यात्रा
गंगा और गंगत्व की सुचिता को बरकरार रखने की मुहिम को अब नया आयाम देने की काशिश होगी। जो कारवां प्रो. जीडी अग्रवाल ने अपने पीछे छोड़ा है उसे जल पुरुष राजेंद्र सिंह नेतृत्व देने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार से देश व्यापी लोक चेतना यात्रा का शुभारंभ होगा। जिन्होंने गंगा को धोखा दिया है उन्हें स्वामी सानंद की आत्मा दंडित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रो. जीडी अग्रवाल पुनर्जन्म में विश्वास रखते थे। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा भी था कि इन सरकारों से अब कोई उम्मीद नहीं रही। अगले जन्म में मां गंगा के लिए मेरी आत्मा अधिक व्यग्र होकर जन्म लेगी।